ज़िक्र

आज भी मेरे हर अल्फ़ाज़ में तेरे आने का ज़िक्र रहता हैं ।तू पास नहीं फिर भी तेरी सांसो का मुझ में इत्र रहता हैं ।।@hardikrudani

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